गलत भक्ति से नास्तिकता की ओर कदम

अंधभक्ति से नास्तिकता:-


               वर्तमान समय मे मानव कुछ न कुछ भक्ति अवश्य करता है।परन्तु भक्ति विधि सही न होने के कारण दुःखो का निवारण नही हो पा रहा है। भक्ति करते हुए भी मनुष्य के जीवन मे अनेकों कष्ट आते है और वह अपने कष्टो के निवारण के भक्ति भी करता है,पर दुःख समाप्त नही होते।
यही कारण है मानव समाज आज नास्तिकता की ओर अग्रसर होता जा रहा है। आज रूस व चीन लगभग पूरी तरह नास्तिक हो चुका है।
Credit:-your quote

    
   

संस्थाओं का प्रयास:-

            वर्तमान समय मे बहुत से धर्मगुरु अपने स्तर पर समाज को दिशा देने की कोशिश कर रहे है परंतु मार्ग सही न होने की वजह से कोई भी लाभ मानव समाज को नही हो पा रहा है।
             जैसे सत्यभक्ति न मिलने के कारण ट्रैन दुर्घटना में 16 मजदूर मारे गए । अगर शास्त्रों के अनुकूल भक्ति की जाए उनकी रक्षा भी परमात्मा करता है अन्य की नही।
                

     

 सत्यभक्ति ही ईलाज:-

                    वर्तमान समय मे सभी प्रकार के दुखों व कष्टो से बचने के लिए सत्यभक्ति ही उपचार है। परमात्मा की सत्यभक्ति से घोर से घोर कष्टो से भी बचा जा सकता है।
                    वर्तमान में केवल सन्त रामपाल जी महाराज जी ही सत्य भक्ति बता रहे है अन्य के पास भक्ति विधि सही नही है। वे शास्त्रों के आधार पर सत्य साधना करवा रहे है जिससे अनेकों लोगो को लाभ हुए है व उनकी जीवन रक्षा हुई है।
                    सत्य भक्ति वही होती है जो शास्त्रों के आधार पर करवाई जाए जो केवल सन्त रामपाल जी महाराज जी के पास ही है ।
आज कोरोना जैसी भयंकर बीमारी का इलाज भी वास्तविक मन्त्रो से हो सकता है। सन्त रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर जो सत्यभक्ति कर रहे है उनको परमात्मा के वास्तविक लाभ हो रहे है व उनकी रक्षा भी कबीर परमात्मा ही करते हैं क्योंकि शास्त्रों में उस परमात्मा का नाम कबीर ही है ।
                   इसलिए एक कबीर परमात्मा भक्ति न करके हम दुःखो को उठा रहे है। इसलिए सर्व समाज से प्रार्थना है कि आप सन्त रामपाल जी के ज्ञान को अवश्य सुने और नाम दीक्षा लेकर अपना कल्याण कराए।
                 
             अधिक जानकारी के लिए कृपया visit करिए हमारी website www.jagatgururampalji.org प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए हमे नीचे comment करे।
                 



Comments